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New Delhi रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़, 18 लोगो की मौत, प्रशासन और लोगो ने क्या वजह बताई?

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New Delhi
भगदड़ से पहले स्टेशन पर लोगो का जमावड़ा लग गया था।

New Delhi: New Delhi रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई है, और कई अन्य घायल हुए हैं। प्रशासन ने मृतकों के नामों की सूची जारी की है और रेलवे ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का एलान किया है। 

गंभीर रूप से घायल लोगों को ढाई लाख रुपये, जबकि मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये मुआवज़े के तौर पर दिए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इस घटना का कारण अत्यधिक भीड़ था, और असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

घटना के वक्त जो लोग वहां मौजूद थे, उन्होंने बताया कि भगदड़ उस पैदल पुल पर मची, जिसका उपयोग प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए किया जाता है।

क्या कहना है प्रशासन का ?

रेलवे के प्रवक्ता हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों के सीढ़ियों पर फिसलकर गिरने के कारण भगदड़ मच गई।

New Delhi: उत्तर रेलवे के प्रवक्ता हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि यह दुखद घटना उस समय हुई जब प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर पटना जाने वाली मगध एक्सप्रेस और प्लेटफॉर्म नंबर 15 पर जम्मू जाने वाली उत्तर संक्रांति एक्सप्रेस खड़ी थीं। इस दौरान, फुट ओवर ब्रिज से प्लेटफॉर्म 14 और 15 की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर यात्रियों के फिसलकर गिरने से पीछे आ रहे यात्री भी इसकी चपेट में आ गए, जिससे यह भगदड़ मच गई।

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उपाध्याय ने यह भी बताया कि इस हादसे की जांच एक उच्चस्तरीय कमेटी कर रही है। रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने घटना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भगदड़ के कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा, जिसे रेलवे द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि पहले ही भीड़ का अंदाज़ा लगाया गया था, लेकिन दो ट्रेनों के देरी से आने और वहां ज्यादा यात्रियों के इकट्ठा होने से स्थिति बिगड़ी। मल्होत्रा ने यह स्पष्ट किया कि जब एक जगह पर बहुत ज्यादा लोग होते हैं और ट्रेन का इंतजार करते हैं, तो गलत सूचना फैलने से भी भगदड़ हो सकती है।

उन्होंने यह बताया कि घटना जिस 10 मिनट में घटी, उस दौरान ज्यादा लोग आए और दो ट्रेनों के लेट होने का असर हुआ। बाकी कारणों का पता रेलवे जांच के दौरान चलेगा।

जब तीन नंबर प्लेटफॉर्म से 13 नंबर प्लेटफॉर्म पर आने की जानकारी यात्रियों को दी गई, तो क्या इसके कारण भगदड़ हुई? इस सवाल का जवाब देते हुए डीसीपी मल्होत्रा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं था। एक विशेष ट्रेन की घोषणा जरूर की गई थी, लेकिन ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने जैसी कोई बात नहीं थी।

जब शाम छह बजे से लोग बड़ी संख्या में जुटने लगे थे, तो इसे क्यों नहीं रोका गया? इस पर डीसीपी ने कहा कि छह बजे के आसपास स्थिति नियंत्रण में थी और लाखों लोग नहीं थे। यह भीड़ नौ बजे के आसपास बढ़ी, जब ट्रेनें आईं।

एनडीआरएफ़ के कमांडेंट दौलत राम चौधरी ने बताया कि उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर भगदड़ मच गई है और वे तुरंत मौके पर पहुंचे।

‘मैंने चिल्ला-चिल्लाकर लोगों को रोकने की कोशिश की लेकिन ?

भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने बताया कि उन्होंने लोगों से एक ही ट्रेन में यात्रा न करने की अपील की, लेकिन लोग ध्यान नहीं दे रहे थे।

New Delhi: घटना के समय New Delhi रेलवे स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के अधिकारी अजीत ने बताया, “मैं यहां एक वीआईपी मूवमेंट के लिए आया हुआ था। मूवमेंट पूरा होने के बाद मैं वापस जा रहा था, लेकिन रास्ता नहीं मिल पाया।” उन्होंने कहा, “मुझे इस घटना का अंदाजा शाम को ही हो गया था, जब मैं लोक कल्याण मार्ग से New Delhi की तरफ आ रहा था, तब मुझे मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने में एक घंटा लग गया, जबकि यह काम दो मिनट में हो सकता था।”

वायुसेना के अधिकारी ने बताया, “मूवमेंट पूरा करने के बाद जब मैं वापस जा रहा था तो मुझे रास्ता नहीं मिला। इसके बाद मैंने खुद प्लेटफॉर्म नंबर 13 और 14 पर एक घोषणा की, जिसमें बताया कि भारतीय सेना और प्रशासन की तरफ से लोगों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे तीन-चार दिन के लिए रुक जाएं।

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” उन्होंने कहा, “मैंने लोगों को समझाया कि एक ट्रेन में 5-10 हजार लोग एक समय पर नहीं जा सकते, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे, और इसका परिणाम यह हुआ कि भगदड़ मच गई।”

जब प्रशासन की मौजूदगी के बारे में सवाल किया गया, तो वायुसेना के अधिकारी ने कहा, “जब 5-10 हजार लोग एक ही जगह इकट्ठा हो जाते हैं, तो प्रशासन वहां जितना भी हो, इतने लोगों को संभालना बहुत मुश्किल होता है। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, और प्रशासन ने वह प्रयास किया भी। मैं खुद देख रहा था। लेकिन लोग सुनने को तैयार नहीं थे। मैंने बार-बार कहा कि दो-चार दिन रुक जाइए, मेला 26 फरवरी तक है।”

 लोगो ने क्या वजह बताई ?

लोगो ने बताया की साढे नौ बजे के आसपास अचानक भगदड़ मच गई।

New Delhi: समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक प्रत्यक्षदर्शी हीरालाल महतो ने बताया, “जब यह घोषणा की गई कि प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर आने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म 16 पर आएगी, तो इसके बाद दोनों तरफ से लोग इकट्ठा होने लगे, जिससे भगदड़ मच गई।

” उन्होंने कहा, “लोग पुल पर गिर गए थे और कुछ को अस्पताल ले जाया गया। कोई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौजूद नहीं था। प्रशासन एक घंटे बाद यहां पहुंचा। अब सफाई कर दी गई है, लेकिन जब भगदड़ मची थी, तब कोई भी मदद के लिए नहीं था।”

रवि ने कहा, “मैं वहा मौजूद था, और तकरीबन साढ़े नौ बजे के आसपास भगदड़ मच गई। जब प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर लोग प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर खड़ी ट्रेनों को देखा, तो वे सब इस ओर आ गए। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उसे संभाल पाना मुश्किल हो गया। प्लेटफॉर्म बदलने की कोई बात नहीं थी।”

रवि ने आगे बताया, “घटना रात करीब नौ या साढ़े नौ बजे के आसपास हुई थी। उस समय कुछ ट्रेनें लेट भी थीं, जिससे भीड़ बढ़ गई। प्लेटफॉर्म नंबर 13 पर भी बहुत भीड़ थी। जैसे ही लोगों ने ट्रेन देखी, जो दूसरी ओर खड़ी थीं, वे यहां आ गए और भगदड़ मच गई। पुल पर भी लोग खड़े थे, और भीड़ इतनी बड़ी हो गई थी कि पुलिस भी उसे नियंत्रित नहीं कर पाई।”

एक अन्य चश्मदीद ने कहा, “घटना रात करीब 9 बजे के आस-पास हुई। पुलिस ने बहुत प्रयास किया, लेकिन भीड़ इतनी बड़ी थी कि वे उसे संभाल नहीं पाए।” उन्होंने बताया, “पुल पर भगदड़ मच गई थी, क्योंकि वहां पर ज्यादा लोग खड़े थे। प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, क्योंकि लोग अपनी ट्रेन में सवार हो गए थे। जितनी भी भीड़ थी, वह पुल पर थी।”

उन्होंने यह भी कहा, “मुझे यहां 26 साल हो गए हैं, लेकिन मैंने आज तक इतनी बड़ी भीड़ नहीं देखी। ऐसा तो छठ पूजा में भी नहीं होता जैसा कल रात हुआ था, जब इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां आए थे।”

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